Home देश वै क्सीन प र 6 दे शों ने ल गाई रो क, क हा इ ससे खू न का थ क्का

वै क्सीन प र 6 दे शों ने ल गाई रो क, क हा इ ससे खू न का थ क्का

कोरोना वैक्सीन के मामले में भारत ने एक बड़ी सफलता हासिल की है और अब वो दुनिया भर में इसकी सप्लाई करके विश्व स्तर पर सबकी मदद भी कर रहा है|

हाल ही में भारत ने पाकिस्तान को भी वैक्सीन देने का फैसला किया है और कोविशिल्ड वैक्सीन की पांच लाख डोज की पहली खेप जल्द ही कनाडा भी पहुंचाई गई है|

कनाडा ने भारत का धन्यवाद करने के लिए ग्रेटर टोरंटो में पीएम मोदी की तस्वीर वाले बिलबोर्ड लगाकर उन्हें धन्यवाद कहा है|

लेकिन दूसरी तरफ कुछ देशों में एस्ट्राजेनेका कोरोना वैक्सीन को लेकर सवाल उठे है| कई लोगों को इसकी दवा लेने के कारण समस्या आई है|

एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन लेने के बाद ब्लड क्लॉट यानि खून का थक्का बनने जैसा मामला सामने आया है|

ऐसे उदाहरण सामने आने के चलते डेनमार्क, इटली, नॉर्वे, एस्टोनिया, लातविया, लिथुआनिया और लक्जमबर्ग जैसे देशों ने इसके इस्तेमाल पर फिलहाल रोक लगाई है|

अब वैक्सीन के साइड इफेक्ट की जांच होगी| बता दें कि, ऑस्ट्रिया देश में 49 साल की नर्स की एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन लेने से मौत हो गई थी|

जिसके कारण वहां सतर्कता बरतते हुए सरकार ने इस वैक्सीन के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है| ये वोही नर्स थी जिनके खून में थक्के जम गए थे|

इस पुरे मामले पर डेनमार्क हेल्थ अथॉरिटी का कहना है कि, हालाँकि, अभी इस बात की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन वैक्सीन और ब्लड क्लॉटिंग को लेकर जांच की जा रही है|

डेनमार्क की हेल्थ अथॉरिटी ने बताया कि, देश ने कम से कम 14 दिनों के लिए वैक्सीन के उपयोग पर रोक लगा दी गई है।

इस प्रकार की खबर का आना भारत सरकार के लिए चिंता का विषय बन सकता है, लेकिन ऐसी ख़बरों के बीच ब्रिटेन ने वैक्सीन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है|

ब्रिटेन की तरफ से कहा गया कि, वह अपने देश में इस दवा का प्रयोग जारी रखेगा| ये बयान पीएम बोरिस जॉनसन के प्रवक्ता की तरफ से सामने आया है| जिन्होंने वैक्सीन सुरक्षित और प्रभावी बताया है|