Home देश प्रशांत भूषण ने पा र क र दी सा रीं ह दें, अ ब सुप्रीम को र्ट में...

प्रशांत भूषण ने पा र क र दी सा रीं ह दें, अ ब सुप्रीम को र्ट में जा कर रो हिंग्याओं को भारत में र खने के लि ए

जम्मू कश्मीर में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या शरणार्थियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है|

याचिका में मांग उठी है कि, जम्मू में हिरासत में लिए गए रोहिंग्या शरणार्थियों को तत्काल रिहा किया जाए|

यह याचिका रोहिंग्या शरणार्थी मोहम्मद सलीमुल्लाह ने वकील प्रशांत भूषण के जरिए दायर की| जिसमें और भी कुछ दूसरी मांग रखी गई है|

मांग है कि, रोहिंग्याओं के न सिर्फ भारत में रहने दिया जाए, बल्कि इन्हें शरणार्थी का दर्जा भी मिले| साथ ही केंद्र सरकार से इन लोगों के लिए विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) के मार्फत शरणार्थी पहचान पत्र जारी करने को कहा है|

गुरुवार को वकील प्रशांत भूषण ने रोहिंग्या शरणार्थियों को होल्डिंग सेंटर में ना डालने और उन्हें म्यांमार न भेजने की मांग रखी|

साथ ही कोर्ट UNHCR से दखल के लिए कहा गया है| वैसे इस याचिका पर कब सुनवाई होगी अभी इसकी जानकारी सामने नहीं आई है|

रोहिंग्या शरणार्थियों के पक्ष में इतना तक कहा गया कि, याचिका को जनहित में दायर किया गया है, ताकि भारत में रह रहे इन लोगों को प्रत्यर्पित किए जाने से बचाया जा सके।

साथ ही कहा गया, ‘संविधान के अनुच्छेद 14 और अनुच्छेद 21 के साथ ही अनुच्छेद 51 (सी) के तहत प्राप्त अधिकारों की रक्षा के लिए यह याचिका दायर की गई है’।

रोहिंग्या के मूल देश म्यांमार में उनके खिलाफ हुई हिंसा और भेदभाव के कारण बचकर भारत में आने के बाद, उन्हें यहां से प्रत्यर्पित करने के खिलाफ यह याचिका दायर की गई है।

वैसे मांग के अंतर्गत ने सिर्फ जम्मू कश्मीर बल्कि पुरे भारत से इन्हें न निकाले जाने को कहा है| साथ ही अदालत से शरणार्थी कार्ड मुहैया कराने की मांग भी रखी गई है|

आपको बता दें कि, काफी समय से रोहिंग्या को देश से बहार करने की बात चल रही है, क्योंकि उन्हें बहुत सी घटनाओं में शामिल पाया गया है|

लेकिन फिर भी पिछले साल जनवरी में शीर्ष अदालत म्यांमार में इन्हें निर्वासित करने के केंद्र के फैसले के खिलाफ दलीलें सुनने को सहमत हुई| अब देखना होगा कि, अदालत याचिका पर क्या फैसला लेती है|