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किसान के आंदोलन में संत ने आत्महत्या की पर पुलिस को पिस्टल की

6 दिसम्बर को किसान आंदोलन से जुड़ी एक हैरान कर देने वाली ख़बर सामने आई थी। जिसके अंतर्गत संत सिख राम सिंह ने सिंघु बॉर्डर पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।

इस घटना के बाद तो विपक्षी दल को केंद्र सरकार पर हमला बोलने का मौका मिल गया था। अब इसी ख़बर से जुड़ी ताज़ा जानकारी सामने आई है।

पुलिस के हवाले से जनतंत्र टीवी ने दावा किया है कि, जिस पिस्टल से संत सिख राम सिंह ने खुद को गोली मारी थी, उसकी अभी तक बरामदगी नहीं हो सकी है और न ही स्पॉट का पता चल सका है, जहाँ उन्होंने खुद को गोली मारी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, संत रामसिह ने एक गाडी में आत्महत्या की थी, उस गाडी को उनके समर्थक खुद ड्राइव कर करनाल ले गए और वह गा़ड़ी अब भी उनके समर्थकों के पास ही है।

बता दें कि, संत बाबा राम सिंह ने आत्महत्या करने से पहले एक सुसाइड नोट भी लिखा था। जिसमें उन्होंने लिखा था कि, ‘वे किसानों की हालत नहीं देख सकते हैं। उन्होंने लिखा कि केंद्र सरकार विरोध को लेकर कोई ध्यान नहीं दे रही है, इसलिए वे किसानों, बच्चों और महिलाओं को लेकर चिंतित हैं। उनसे किसानों का दुख देखा नहीं जा रहा है। अपने हक के लिए सड़कों पर किसानों को देखकर बहुत दिल दुख रहा है।’

आगे यह भी लिखा, ‘सरकार न्याय नहीं दे रही है। जुल्म है। जुल्म करना पाप है। जुल्म सहना भी पाप है।’ इस मौके पर कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने बीजेपी पर हमला बोला। राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए संत को श्रद्धांजलि दी और लिखा, ‘कई किसान अपने जीवन की आहुति दे चुके हैं। मोदी सरकार की क्रूरता हर हद पार कर चुकी है। ज़िद छोड़ो और तुरंत कृषि विरोधी क़ानून वापस लो!’

वैसे बता दें कि, जब संत की बॉडी को पानीपत के अस्पताल लाया गया, तब पुलिस को घटना की जानकारी मिली थी। जिसके कारण वो अभी तक घटना स्थल की सटीक पहचान नहीं कर सके है। लेकिन कुछ लोगों ने बताया कि, जब संत ने खुद को गोली मारी थी तब वो कार में अकेले थे। उन्होंने अपने साथ वालों को पहले ही बाहर भेज दिया था कि वो जाकर किसानों का होशला बढ़ाए, फिर अकेले होने पर गोली मार ली।