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अर्नब गोस्वामी की गिरफ़्तारी पर केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा अब देश में इमरजेंसी

साल 2018 में इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाइक और उनकी मां कुमुद नाइक की आत्महत्या के मामले में मुंबई पुलिस ने रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी को गिरफ्तार कर लिया है।

हैरान करने वाली बात यह है कि, बिना किसी नोटिस और कोर्ट की पर्मिशन के बिना पुलिस ने अर्नब को सुबह-सुबह उनके घर से गिरफ्तार किया।

दूसरी हैरान करने वाली बात यह भी रही कि, साल 2018 वाले इस केस को खुद मुंबई पुलिस ने क्लोसर रिपोर्ट के साथ बंद कर दिया था। अन्वय नाइक और उनकी मां कुमुद नाइक ने अलीबाग में आत्महत्या कर ली थी। जिसके बाद एक सुसाइड नोट मिला था। जो अन्वय द्वारा लिखा गया था। जिसमें उन्होंने लिखा था कि, अर्नब गोस्वामी और दो अन्य ने उन्हें 5.40 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया। जिसकी वजह से उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा।

तो अर्नब पर इन दोनों को आत्म हत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया है। इस क्लोज़ केस को रेओपेन करने की पर्मिशन लिए बिना मुंबई पुलिस ने ये कदम उठाया। जिसकी अब हर तरफ आलोचना हो रही है। केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इस पूरी घटना की निंदा की है। साथ ही ट्वीट कर अपना विचार सांझा किया।

उन्होंने लिखा ‘हम महाराष्ट्र में प्रेस की आजादी पर हमले की निंदा करते हैं। यह प्रेस के साथ बर्ताव का तरीका नहीं है। यह हमें आपातकाल के उन दिनों की याद दिलाता है जब प्रेस के साथ इस तरह से व्यवहार किया गया था’। हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज, डॉ. हर्षवर्धन, से लेकर जेपी नड्डा तक ने मुंबई पुलिस की इस हरकत की निंदा की है। इसे स्पष्ट तौर पर बदले की कार्यवाही कहा जा रहा है।

दूसरी तरफ साल 2018 के केस को देखे तो आर्किटेक्ट अन्वय नाईक की बेटी अदन्या नाईक ने फिर से इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी। जिसके बाद इस साल मई में महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने घोषणा की कि इस मामले में फिर से जांच कराई जाएगी। देशमुख ने कहा था कि, अदन्या का आरोप था कि अलीबाग पुलिस ने बकाए वाले मामले की जांच नहीं की थी।