Home देश भारत के साथ धोखा होने पर भारत ने मिसाइल का परीक्षण किया

भारत के साथ धोखा होने पर भारत ने मिसाइल का परीक्षण किया

लद्दाख सीमा पर चीन की कार्यवाही और चालाकी को देखते हुए कहना गलत नहीं होगा कि वहाँ कब्जा जमाने की कोशिश में चीन हालात को गंभीर से गंभीर करते जा रहा है। 

ऐसा कोई पहली बार नहीं हुआ है कि चीन ने घुसपैठ की कोशिश की हो। लेकिन हर बार ही उसे भारतीय सैनिकों की तरफ से मुंहतोड़ जवाब ही मिला है।

इस बार चीन ने एक नई कोशिश के तहत भारत के पूर्वी हिस्‍से में तनाव फैलाने की मुहिम में लगा हुआ है। चीन ने भूटान से लगे डोकलाम के पास में अपने H-6 परमाणु बॉम्‍बर और केडी-63 लैंड अटैक क्रूज मिसाइल को तैनात किया। जिन्हें उसने अपने गोलमुड एयरबेस पर कर रहा है और उनका ये एयरबेस भारतीय सीमा से मात्र 1,150 किलोमीटर दूर है।

बता दें कि इससे पहले भी चीन ने इस घातक बॉम्‍बर की तैनाती अक्‍साई चिन के काशगर एयरबेस पर की थी। लेकिन अब जवाब में भारत ने भी परमाणु क्षमता से संपन्न पृथ्वी-2 का सफल परीक्षण कर चीन को चेतावनी दे दी। जिसकी क्षमता 350 किमी तक के रेंज में लक्ष्य को साधने की है। जबकि चीन द्वारा तैनात उस मिसाइल की क्षमता 200 किलोमीटर की है।

पृथ्वी-2 के बारे में और कहे तो बुधवार रात भारतीय रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) द्वारा इसका सफल परीक्षण किया गया। इस मिसाइल को ओडिशा के बालासोर तट से छोड़ा गया था। जिसने अपने सभी लक्ष्यों को  भेदा। ये सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल है, जो परमाणु हथियार ले जाने की भी सक्षमता रखती है। साथ ही यह मिसाइल 150 से 600 किमी तक वार कर सकती है। 

पृथ्वी सीरिज की 3 मिसाइलें हैं। पृथ्वी I, II और पृथ्वी III। इनकी मारक क्षमता 150 किमी, 350 किमी और 600 किमी तक है। यानि इस हिसाब से चीन को भारत से सतर्क रहने की आवश्यकता है। इतना ही नहीं उसकी हरकत पर विश्व के अन्य देशों की भी तेज नज़र है। चीन भारत ने बाकी देशों के साथ भी दुश्मनी लेकर अपनी छवि को काफी खराब कर चुका है। लेकिन अब देखने वाली बात होगी कि भारत- चीन सीमा विवाद पर क्या परिणाम निकलकर आता है।