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मुकेश अंबानी ला रहे दुनिया का सबसे सस्ता स्मार्टफोन, किंमत बहुत ही कम रखी है

मुकेश अंबानी की स्वामित्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) ने पहले अपने जियो प्लान के माध्यम से देशभर के नेटवर्क सर्विस प्रोवाइडर कंपनी को कड़ी टक्कर दी। 

जिस प्रतिस्पर्धा के चलते लगभग हर कंपनी को अपनी कॉल रेट के अलावा नेट पैक सस्ता करना पड़ा। इससे कस्टमर को काफी फायदा मिला। 

बेशक सर्विस प्रोवाइडर कंपनी के लिए जियो के सस्ते पैकेज के आने से नुकसान हुआ, लेकिन आम जनता की मौज हो गई। अब कुछ ऐसी ही मिलती-जुलती खुशखबरी जनता को दुबारा मिलने वाली है। रिलायंस इंडस्ट्रीज जियो फोन को एक नये अवतार में पेश करने की योजना में है। जोकि लो-कॉस्ट स्मार्टफोन का एक ऐसा वर्जन होगा, जो गूगल के एंड्रॉयड पर चलेगा। 

सबसे हैरान करने वाली बात जुड़ी है इसकी कीमत से। जी हाँ, कीमत जो 4000 रुपये के आसपास होगी। यानि गरीब तबके से लेकर एक आम वर्ग के लिए भी इसे खरीद पाना आसान होगा और उनके बजट पर भी ज्यादा भार नहीं पड़ेगा। यानि ये वर्तमान में मौजूद कई दूसरी कंपनीयों के मोबाइल को कड़ी टक्कर देने वाला है। 

फिलहाल इसके लिए कंपनी डोमेस्टिक असेंबलर्स से बात कर रही है। कंपनी की योजना है कि वो इसे रिलायंस जियो के लो कॉस्ट वायरलेस प्लान के साथ बेंचे। यही नहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज ने स्थानीय सप्लायर्स को भारत में उत्पादन बढ़ाने को कहा है ताकि अगले दो सालों में 20 करोड़ स्मार्टफोन बना सकें। अगर बताई कीमत में यह फोन मिलता है, तो यकीनन बहुत लोग इसे लेना पसंद करेंगे। 

साथ ही विदेशी प्रतिद्वंदी कंपनियों के सामने कड़ी चुनौती आएगी। मुकेश अंबानी साथ ही पीएम मोदी के ‘मेक इन इंडिया की योजना को भी सशक्त करते दिख रहे है। इसका फायदा उन्हें मिल सकता है। बता दें कि, जियो का यह सस्ता 4जी एंड्रॉयड स्मार्टफोन गूगल की साझेदारी में लॉन्च होगा। अब देखना होगा कि आखिर कब इस फोन को बाज़ार में लॉंच किया जाएगा। 

बेईमानी पर उतर आए MS धोनी जो किया वो देखकर आपका भी दिमाग चकरा जाएगा

IPL 2020 सीज़न शुरू हो चुका है। इसका चौथा मुकाबला चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स (RR) के बीच खेला गया। जिस मैच में राजस्थान रॉयल्स ने चेन्नई सुपर किंग्स को 16 रनों से मात दे दी। लेकिन चेन्नई टीम की हार के लिए महेंद्र सिंह धोनी को जिम्मेदार ठहराया गया। 

बेशक इस बात को सीधे तौर पर ना कहा जाए। मैच के हालात पर बात करे तो, अगर एमएस धोनी ने खुलकर डुप्लेसी का साथ दिया होता तो शायद चेन्नई मैच ना हारती। इस हार के लिए धोनी की स्लो बैटिंग को भी जिम्मेदार बताया जा रहा है। बता दें कि, टॉस जीतकर चेन्नई सुपर किंग्स ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था। तो पहले बल्लेबाजी का मौका पाकर राजस्थान रॉयल्स टीम की शुरुआत शानदार रही। 

राजस्थान ने 20 ओवर में अपने 7 विकेट खोकर 216 रन बनाए। जबकि चेन्नई सुपर किंग्स 6 विकेट के नुकसान पर 200 रन ही बना सकी। वापस धोनी पर आए तो उनपर बोलर्स लगातार हावी रहे। 17 ओवर के बाद राजस्थान की टीम 176 रन टांग चुकी थी। फिर स्टीव स्मिथ का साथ देने के लिए टॉम करन आए। दीपक चाहर बोलिंग कर रहे थे। उनकी पहली 4 बॉल्स पर सिर्फ 3 रन बने। इसके बाद पाँचवी बॉल शॉर्ट थी। 

जिसे करन ने इसे पुल करना चाहा, लेकिन बॉल उनके थाईपैड से लगकर विकेट के पीछे गई जहां धोनी ने इसे कैच कर लिया और कैच आउट की अपील कर डाली। अंपायर्स की तरफ से फैसला उनके पक्ष में ही आया और करन को आउट दे दिया गया। जिसपर हैरान होते हुए करन ने तुरंत DRS का इशारा कर दिया। पर राजस्थान के पास रिव्यू ही नहीं बचे थे। तो उन्हें जाना पड़ा। 

फिर अंपायर्स की आपसी बातचीत पर करन रुके। जब रीप्ले करके सीन को देखा गया तो पता चला कि बॉल तो धोनी के ग्लव्स में पहुंचने से पहले ही जमीन पर टप्पा खा चुकी थी। इसके बाद थर्ड अंपायर से मदद ली गई। जिसपर धोनी थोड़े नाराज़ दिखे और आकर अंपायर्स से बात की। लेकिन रीप्लेज में धोनी की बेईमानी पकड़ आ गई और टॉम करन को बैटिंग के लिए वापस बुलाया गया।