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चीन के साथ तनातनी होने पर ताइवान ने दलाई लामा का संदेश शेयर किया

चीन के साथ दुनिया के कई देशों के रिश्ता खराब हो रहा है। इस बात का अंदाज़ा उसे भी लग चुका होगा या लग रहा होगा। लेकिन चीन अपनी हरकतों से फिर भी बाज नहीं आता है। 

इस बार उसके खिलाफ ताइवान से आवाज़ उठी है। जिसके साथ चीन का संबंध कुछ खास नहीं है। साथ ही खबर आई है कि अब तिब्बत और ताइवान के बीच नजदीकियां बढ़ रही है। 

दरअसल, तिब्‍बतियों के सर्वोच्‍च धर्मगुरु दलाई लामा का एक विडियो सामने आया है। जिसमें उन्होंने ताइवान की लोकतांत्रिक व्यवस्था में तब्दील करने वाले पूर्व राष्ट्रपति ली तेंग के निधन पर दुख प्रकट किया है और कहा है कि, स्वर्गीय ली तेंग-हुई, मेरे दोस्त, उन्होंने लोकतंत्र के प्रति काफी प्रतिबद्धिता दिखाई। साथ ही दलाई लामा ने पहली बार ताइपे जाने पर तेंग-हुई के साथ हुई मुलाकात को याद किया।  

मुलाकात को याद करते हुए वो बोले कि, उसके बाद ही वह नजदीकी दोस्त बन गए। लोकतंत्र, आजादी और ताइवान में चीनी संस्कृति के संरक्षण के लिए उनकी सराहना करनी चाहिए। उनके नजदीकी दोस्त के तौर पर मैं हमेशा उन्हें याद करता हूं और बौद्ध के तौर पर मैं हमेशा प्रार्थना करता हूं। मैं उनकी कोशिशों की सराहना करता हूं। वह अब हमारे बीच नहीं हैं लेकिन बौद्ध के तौर पर हम हमेशा एक जीवन के बाद दूसरे जीवन में विश्वास रखते हैं। 

यही नहीं धर्मगुरु दलाई लामा ने इस बात की संभावना तक जाहिर की कि, ‘संभावना है कि वह ताइवान में दोबारा जन्म लेंगे। उनके इस संदेश को ताइवान के रक्षा मंत्रालय द्वारा सांझा किया गया है। जिसे काफी लोगों द्वारा देखा गया। विडियो में दलाई लामा ने ली तेंग के निधन पर दुख प्रकट करते हुए यह भी कहा कि, ली तेंग का पुनर्जन्म हो, उनका दोबोरा जन्म होने से उनकी आत्मा हमेशा जिंदा रहेगी। 

इन सबके अलावा अगर ताइवान और चीन के रिश्तों को देखे तो चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता आ रहा है। ताइवान जोकि माओत्से तुंग की कम्युनिस्ट ताकतों से युद्ध हार चुका था, तो उसके बाद 1949 से ही उसकी स्थापना चीनी गणराज्य के रूप में की गई थी। वैसे इसी महीने की शुरुवात में ही ताइवान ने अपना एक नया पासपोर्ट जारी किया था। जिसमें से रिपब्लिक ऑफ चाइनाशब्दों को हटाकर ताइवानशब्द बड़े फॉन्ट में लिख दिया था।