Home देश कबाड़ हो जाएंगी 15 साल पुरानी गाड़ियां

कबाड़ हो जाएंगी 15 साल पुरानी गाड़ियां

देशभर में बेकार पड़ी पुरानी गाड़ियों के निपटारे या कहे उनके स्क्रैपिंग को लेकर अब सरकार एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। 

पुरानी बेकार गाड़ियों के संदर्भ में सरकार का कहना है कि, इस बारे में एक पॉलिसी के लिए कैबिनेट सर्कुलर तैयार किया गया है। 

इसके साथ ही सवाल उठता है कि, इस सर्कुलर के पास होने से लोगों को क्या मदद मिलने वाली है! लेकिन पहले बता दें कि, सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री वीके सिंह ने राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में कहा कि, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने पुरानी गाड़ियों के निपटारे के लिए स्वैच्छिक और पर्यावरण के मुताबिक इकोसिस्टम डेवलप करने को लेकर एक कैबिनेट सर्कुलर तैयार किया है।  

खासकर ऑटो सेक्टर को इस पॉलिसी से फायदा होगा, क्योंकि इन वाहनों के स्क्रेप से करीब 6550 करोड़ रुपए का स्टील स्क्रैप मिल जाएगा। फिर इसे विदेशों से नहीं मंगाना पड़ेगा। तो ऑटो इंडस्ट्री को कच्चा माल कम कीमत पर मिल जाएगा। माना जा रहा है कि, वर्तमान में 87 लाख वाहन 15 साल से अधिक पुराने हैं। तो पॉलिसी के चलते जहां एक तरफ पुरानी गाडियाँ सड़कों से हटेंगी, तो वही दूसरी तरफ ऑटो सेक्टर को नई गाड़ियों की डिमांड मिलेगी। 

जो लोग अपनी पुरानी गाड़ी को बेचते है, उन्हें सरकार की तरफ से एक सर्टिफिकेट मिलेगा। जिसके मदद से नई गाड़ी खरीदने पर कार रजिस्ट्रेशन मुफ्त में हो सकेगा। फ्री रजिस्ट्रेशन ही नहीं नई गाड़ी 30 फीसदी तक सस्ती मिलेगी और पुराने वाहनों से वायु प्रदूषण में 25 फीसदी की कमी आएगी। इस मुद्दे पर सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था कि, ‘एक बार पॉलिसी को मंजूरी मिलने के बाद, भारत ऑटोमोबाइल मैनुफैक्चरिंग का एक सेंटर बन सकता है। 

कारण बताते हुए उन्होंने कहा था कि, ‘क्योंकि स्टील, एल्यूमीनियम और प्लास्टिक के स्क्रैप से उपलब्ध होने वाला प्रमुख कच्चा माल का रीसाइकिल किया जाएगा। जिससे ऑटोमोबाइल की कीमतें 20-30 प्रतिशत कम होंगीं। बता दें कि, पिछले साल जुलाई में सरकार ने बिजली से चलने वाली गाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए 15 साल से ज्यादा पुरानी गाड़ियों को नष्ट करने के लिए मोटर वाहन नियमों में संशोधन का प्रपोजल दिया था।